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दर्द भारी शायरी dard bhari shayari

 


दर्द भारी शायरी (DARD BHARI SHAYARI)



दिल से खेलना तो सबको आता है,
पर निभाना किसी-किसी को ही आता है।
ज़िंदगी में दर्द सभी को मिलता है,
पर सहना सिर्फ़ कुछ लोगों को ही आता है।


आँसू छुपाने से दर्द कम नहीं होता,
दिल के ज़ख्म कभी भर नहीं सकते।
मोहब्बत की दुनिया में ऐसा ही होता है,
जो अपना हो उसे कभी हम पा नहीं सकते।


क़िस्मत का खेल देख कर हैरान हूँ मैं,
जो कभी अपना था अब बेगाना है।
जिसे दिल से चाहा था हमने,
आज वो सिर्फ़ एक अफ़साना है।



तेरे बिना ज़िंदगी भी लेकिन ज़िंदगी नही
हर पल दर्द का एक नया एहसास है
तेरे बिना ये दिल बे-आसरा है
तेरे बिना ज़िंदगी से कोई शिकवा तो नहीं,

  • आँखों में आँसुओं का समंदर छुपा है,
    हर मुस्कान के पीछे एक दर्द छुपा है।
    क्या बताएं कैसे गुज़रता है हर पल,
    हर लम्हा तेरा इंतज़ार छुपा है।

  • वक़्त के साथ हर ज़ख्म भर जाता है,
    मगर कोई अपना बेवफा हो तो कभी भुलाया नहीं जाता।
    दिल तो करता है उसे भी खुश देखने का,
    पर दर्द है कि दिल से कभी मिटाया नहीं जाता।

  • मोहब्बत का अंजाम तो हमने देखा है,
    दिलों के बीच फासला हमने देखा है।
    जो कहता था कभी ख़ुदा से भी ज़्यादा प्यार है,
    उसी का बदलता चेहरा हमने देखा है।

  • दर्द को ज़ुबान मिलती है जब तुम याद आते हो,
    हर लम्हा एक कहानी बन जाता है जब तुम याद आते हो।
    मैं भूलने की कोशिश करता हूँ तुम्हें हर पल,
    मगर दिल तो उदास हो जाता है जब तुम याद आते हो।

  • तन्हाइयों का दर्द कभी बयां नहीं होता,
    दिल का हाल किसी से बयां नहीं होता।
    बस यूँ ही चलती है ज़िंदगी की राहें,
    और प्यार कभी फिर से आसान नहीं होता।

  • दिल थाम कर सोचा था तुम्हें भूल जाएंगे,
    ज़ख्म को मरहम लगाकर जीत जाएंगे।
    पर ये कैसी किस्मत है मेरी,
    तेरे बिना हम कभी खुश नहीं रह पाएंगे।

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